गर्भपात रोकने के घरेलू उपाय

 हम गर्भपात को लेकर एक बार फिर से बात कर रहे हैं. इस संबंध में हमारे पास काफी सारे प्रश्न आते हैं.

शादी को ही महिला का दूसरा जन्म माना जाता है. क्योंकि जब वह एक पत्नी एक बेटी और एक बहू के रूप में आकर अपनी जिम्मेदारियां संभालती है. लेकिन जब वह मां बनती है, तो उसका जीवन पूरी तरह से बदल जाता है. यह महिला का तीसरा जन्म माना जाता है और महिला को कंप्लीट तभी माना जाता है.


गर्भपात रोकने के घरेलू उपाय

 
कई बार महिलाओं के साथ गर्भपात जैसी दुखद घटना हो जाती हैं. तो ऐसी महिलाओं को काफी सावधानी रखने की आवश्यकता होती है.

गर्भपात के कारण

  • गर्भपात का मुख्य कारण आपके शरीर में किसी प्रकार का रोग होना होता है. जैसे कि अगर आप को निमोनिया हो गया है, टीवी है, कोई पुरानी बीमारी है, बुखार, इंफेक्शन है, तो ऐसी महिलाओं को गर्भपात होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है.

  • इसके अलावा गर्भाशय संबंधी अगर कोई महिला को परेशानी है. जैसे कि गर्भाशय में कोई रसोली है, या गर्भाशय छोटा है. कोई ट्यूब बंद है.

  • साथ ही साथ अगर कोई मानसिक पीड़ा है, अवसाद है, कोई डर है. इसकी वजह से भी गर्भपात हो सकता है. थायराइड या विटामिन ई की कमी के कारण भी कभी-कभी गर्भपात हो जाता है.

  • अगर आपको अक्सर गर्भपात हो जाता है, और अब की बार आप प्रेग्नेंट है, तो आपको कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना काफी आवश्यक है.

  • सबसे पहले तो अब आपको अपने गर्भाशय को मजबूत रखना है. इसके लिए खाद्य पदार्थ आपकी काफी मदद कर सकते हैं. जिसमें लौकी और सिंघाड़ा मुख्य रूप से आप अपने भोजन में शामिल करें.

  • लौकी का जूस भी गर्भपात को रोकने में काफी मददगार होता है. हरी सब्जियों का प्रयोग करें. लेकिन लौकी का जूस ले तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि लौकी केमिकल पदार्थों का प्रयोग करके ना उगाई गई हो या ऐसी जगह नहीं उठाई गई हो जहां पर गंदगी हो. क्योंकि उसके अंश लौकी के जूस में आ जाएंगे तो फिर वह फायदे की जगह नुकसान भी कर सकता है.

  • ऐसी स्त्री जिसे बार-बार गर्भपात का शिकार होना पड़ रहा है. उसकी कमर में धतूरे की जड़ का चार अंगुली का टुकड़ा ऊबनी धागे में डालकर बांध दें. नौ माह पूरे होने के बाद इसे खोल दें.

  • मुख्य रूप से यह एक टोटका नजर आता है. लेकिन इसका आयुर्वेदिक महत्व भी है. धतूरे की जड़ की खुशबू आपके वातावरण को शुद्ध रखेगी और ऐसे कीटाणुओं को आप के आस पास आने से रोकेगी जो गर्भपात के लिए जिम्मेदार है.

  • अगर महिला को गर्भपात होने की संभावना बढ़ रही है. रक्त शराब हो रहा है. तो ऐसे में अनार के सौ ग्राम ताजे पत्ते पीसकर उसका रस महिला को पिला दें, और उसका जो अंश बचा हुआ है, वह महिला के पेट के निचले हिस्से पर मल दें. इससे रक्त स्राव रुक जाएगा.

  • अगर महिला को गर्भपात की समस्या हो रही है, तो आयुर्वेदाचार्य से परामर्श करके गर्भपाल रस का प्रयोग करें. यह गर्भ की सुरक्षा करता है, और यह आयुर्वेदिक स्टोर पर मिल जाता है.

  • अगर आपको यह महसूस हो रहा है कि आपको गर्भपात की संभावना बन रही है, तो एक चम्मच फिटकरी को कच्चे दूध के साथ पानी में मिलाकर लेने से गर्भपात रुक जाता है.

  • फिटकरी को आधा गिलास पानी में घोल लें उसके बाद उतनी ही मात्रा में कच्चा दूध मिलाकर ले.


यह आप छोटे-छोटे उपाय करें तो आपको काफी सहायता होगी. सबसे अच्छा तो यह रहेगा कि आप प्रेगनेंसी के शुरुआती समय से आयुर्वेदाचार्य के संपर्क में आकर गर्भपाल रस का प्रयोग करें, तो यह समस्या ना के बराबर आएगी.

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