आज के इस Article के माध्यम से हम आपसे प्रेगनेंसी टिप्स को लेकर फिर से एक बार चर्चा कर रहे हैं
इस समय को बहुत सावधानी से ऑब्जरवेशन के साथ बिताना चाहिए. महिला को हमेशा इस बात का ज्ञान लेने की कोशिश करनी चाहिए कि प्रेगनेंसी में कौन से ऐसे लक्षण है जो नहीं आने चाहिए.
इसके लिए वह अपने घर की बड़ी महिलाओं से चर्चा कर सकती है. अपनी डॉक्टर से चर्चा कर सकती है. कि किन परिस्थितियों में उसे तुरंत डॉक्टर की सहायता की आवश्यकता है ऐसे कौन-कौन से लक्षण हैं जो किसी प्रेगनेंसी के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
आप अगर एक या 2 कप चाय कॉफी का सेवन प्रेग्नेंसी के समय करते हैं तो एक बार को कोई परेशानी वाली बात नहीं हो सकती है.
लेकिन अगर आप तो कब से ज्यादा चाय या कॉफी का सेवन प्रेग्नेंसी के समय कर रहे हैं तो इसमें पाया जाने वाला कैफीन आपको बहुत ज्यादा नुकसान दे सकता है, और आप यह भी याद रखें कि आपको दो कप चाय या कॉफी पीने के बाद कोई ऐसा खाद्य पदार्थ नहीं खाना है, जिसके अंदर कैफीन पाई जाती हो .
साथ ही साथ महिलाओं को शरबत पीने से भी परहेज करना चाहिए क्योंकि शरबत के अंदर चीनी का बहुत ज्यादा प्रयोग होता है और हमने पहले भी अपने एक POSTस में बताया है कि चीनी किस तरह से प्रेग्नेंसी के समय बहुत ज्यादा नुकसान देती है.
प्रेगनेंसी के बुरी लक्षणों को पहचाने
किसी भी महिला के लिए प्रेगनेंसी किसी सपने से कम नहीं होता है, लेकिन इसकी खुशी में महिला को यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि यह बड़ा ही क्रिटिकल समय होता है.इस समय को बहुत सावधानी से ऑब्जरवेशन के साथ बिताना चाहिए. महिला को हमेशा इस बात का ज्ञान लेने की कोशिश करनी चाहिए कि प्रेगनेंसी में कौन से ऐसे लक्षण है जो नहीं आने चाहिए.
इसके लिए वह अपने घर की बड़ी महिलाओं से चर्चा कर सकती है. अपनी डॉक्टर से चर्चा कर सकती है. कि किन परिस्थितियों में उसे तुरंत डॉक्टर की सहायता की आवश्यकता है ऐसे कौन-कौन से लक्षण हैं जो किसी प्रेगनेंसी के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
डिलीवरी के लक्षणों को पहचाने
जो महिला दूसरी बार मां बन रही होती है उनके लिए तो कोई परेशानी वाली बात नहीं होती है लेकिन जो महिलाएं पहली बार मां बन रही होती हैं उनके लिए यह बहुत जरूरी होता है कि वह इस बात का ज्ञान अवश्य रखें कि डिलीवरी के कौन-कौन से लक्षण होते हैं इन लक्षणों को जानने से वह समय पर डिलीवरी के लिए तैयार हो सकती हैं साथ ही साथ अगर ऐसे लक्षण समय से पहले आते हैं तो वह डॉक्टर की हेल्प लेकर किसी भी आने वाली परेशानी से बच सकती हैं.चाय, कॉफी, शरबत ना ले
भारत के अंदर चाय कॉफी बहुत ज्यादा प्रचलित है बल्कि हम यह कह सकते हैं कि 90% से ज्यादा लोगों को इनकी लत होती है और यह लत बहुत कम उम्र से ही लग जाती है और यह लत समाज में स्वीकार्य भी है लेकिन प्रेग्नेंसी के समय चाय कॉफी लेना बहुत ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है.आप अगर एक या 2 कप चाय कॉफी का सेवन प्रेग्नेंसी के समय करते हैं तो एक बार को कोई परेशानी वाली बात नहीं हो सकती है.
लेकिन अगर आप तो कब से ज्यादा चाय या कॉफी का सेवन प्रेग्नेंसी के समय कर रहे हैं तो इसमें पाया जाने वाला कैफीन आपको बहुत ज्यादा नुकसान दे सकता है, और आप यह भी याद रखें कि आपको दो कप चाय या कॉफी पीने के बाद कोई ऐसा खाद्य पदार्थ नहीं खाना है, जिसके अंदर कैफीन पाई जाती हो .
साथ ही साथ महिलाओं को शरबत पीने से भी परहेज करना चाहिए क्योंकि शरबत के अंदर चीनी का बहुत ज्यादा प्रयोग होता है और हमने पहले भी अपने एक POSTस में बताया है कि चीनी किस तरह से प्रेग्नेंसी के समय बहुत ज्यादा नुकसान देती है.
आइसक्रीम खाने से बचें
अक्सर देखा जाता है कि कुछ महिलाएं प्रेग्नेंसी के समय बहुत ज्यादा आइसक्रीम खाना शुरु कर देती है और इसे समझा जाता है कि महिलाओं को फूड क्रेविंग की समस्या से यह है बट लग गई है लत लग गई है इसे बुरा भी नहीं समझा जाता है क्योंकि माना जाता है कि आइसक्रीम दूध से बनाई जाती है.आइसक्रीम के बारे में कुछ गुण इस प्रकार से हैं जो आपको यह बताएंगे कि आइसक्रीम खाना नुकसानदायक होता है खासकर प्रेगनेंसी में
आजकल बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम में केमिकल्स का प्रयोग बहुत ज्यादा होता है जो कि प्रेगनेंसी के दृष्टिकोण से सही नहीं है.
दूसरी बात आइसक्रीम खाने में भले ही बहुत ठंडी लगे और माना जाता है कि गर्भावस्था के अंदर ठंडी चीजें खानी भी चाहिए लेकिन आज क्रीम की तासीर गर्म होती है यह शरीर में जाकर गर्मी पैदा करती है जो कि गर्भ की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी ठीक नहीं है.
तीसरी बात यह है कि आइसक्रीम में बहुत ज्यादा चीनी का प्रयोग किया जाता है यह चीनी शरीर में जाकर कैल्शियम का नाश करती है और जब कि शिशु के विकास के लिए कैल्शियम की बहुत ज्यादा आवश्यकता पड़ती है.
अगर इन सब बातों को देखा जाए तो आइसक्रीम नुकसानदायक है
आजकल बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम में केमिकल्स का प्रयोग बहुत ज्यादा होता है जो कि प्रेगनेंसी के दृष्टिकोण से सही नहीं है.
दूसरी बात आइसक्रीम खाने में भले ही बहुत ठंडी लगे और माना जाता है कि गर्भावस्था के अंदर ठंडी चीजें खानी भी चाहिए लेकिन आज क्रीम की तासीर गर्म होती है यह शरीर में जाकर गर्मी पैदा करती है जो कि गर्भ की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी ठीक नहीं है.
तीसरी बात यह है कि आइसक्रीम में बहुत ज्यादा चीनी का प्रयोग किया जाता है यह चीनी शरीर में जाकर कैल्शियम का नाश करती है और जब कि शिशु के विकास के लिए कैल्शियम की बहुत ज्यादा आवश्यकता पड़ती है.
अगर इन सब बातों को देखा जाए तो आइसक्रीम नुकसानदायक है
लेबर पेन को पहचाने
अगर आप पहली बार मां बन रही है तो आपको यह पता नहीं होता कि कौन से पेन लेबर पेन है सातवें महीने से कुछ महिलाओं को फॉल्स लेबर पेन की समस्या होने लगती है लेबर पेन किस तरह के होते हैं यह जानने के लिए पहली बार मां बन रही महिलाओं को घर की बड़ी महिलाओं से चर्चा करनी चाहिए साथ ही साथ उन्हें इस संबंध में अपने डॉक्टर से भी पूछना चाहिए कि हम कैसे पहचाने कि लेबर पेन कैसे आते हैं अन्यथा कभी-कभी महिलाएं फॉल्स लेबर पेन के चक्कर में हॉस्पिटल तक पहुंच जाती है या फिर वास्तव में जब लेबर पर आते हैं तो उन्हें वह फॉल्स लेबर पेन समझकर लापरवाही कर देती है.
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